महंगाई के बढ़ते दौर में आम परिवारों के लिए घर का बजट संभालना आसान नहीं रहा है। आटा, चावल, दाल, तेल और गैस जैसी जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होता है। वर्ष 2026 में कुछ राज्यों से यह खबर सामने आई है कि राशन कार्ड धारकों को मुफ्त अनाज के साथ लगभग 1000 रुपये तक की नकद सहायता भी दी जा सकती है। हालांकि यह सुविधा सभी राज्यों में लागू नहीं होगी, इसलिए अपने राज्य की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को हर महीने सस्ती दरों पर या मुफ्त में अनाज दिया जाता है। अब कुछ राज्य सरकारें त्योहारों या विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जा सकती है ताकि परिवार अपनी अन्य आवश्यक जरूरतें भी पूरी कर सकें। इससे महंगाई के समय आर्थिक दबाव कुछ कम हो सकता है।
सरकार ने यह भी पाया कि कई जगहों पर फर्जी राशन कार्ड बनाकर लाभ लिया जा रहा था। इसी कारण अब ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में राशन कार्ड से जुड़े प्रत्येक सदस्य का आधार सत्यापन किया जाता है। फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक माध्यम से पहचान की पुष्टि होती है। जिन परिवारों ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उनके लाभ रुक सकते हैं।
योजना का लाभ मुख्य रूप से उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनके पास पात्रता के अनुसार जारी राशन कार्ड है और जिनकी सभी जानकारी सही तरीके से अपडेट है। आधार लिंकिंग और बैंक खाता सक्रिय होना जरूरी है। दस्तावेजों की सही पुष्टि से ही फ्री राशन और नकद सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कई राज्यों में ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है, जहां लाभार्थी घर बैठे ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। यदि ऑनलाइन प्रक्रिया संभव न हो, तो नजदीकी राशन दुकान पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। समय पर प्रक्रिया पूरी करने से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। राशन कार्ड, नकद सहायता और ई-केवाईसी से संबंधित अंतिम जानकारी के लिए संबंधित राज्य या केंद्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचना ही मान्य होगी। योजना का लाभ लेने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।





