प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। अब देशभर के करोड़ों लाभार्थी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। हाल की खबरों के अनुसार कृषि विभाग अगली किस्त जारी करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
कुछ राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण विशेष कदम उठाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बाढ़ से प्रभावित किसानों को अग्रिम राहत के रूप में 2,000 रुपये की किस्त पहले ही भेजी जा चुकी है। यह सहायता उन किसानों के लिए दी गई है जिनकी फसल और आय पर हाल की भारी बारिश का असर पड़ा। बाकी राज्यों के किसानों के लिए आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन संभावना है कि आने वाले हफ्तों में राशि जारी की जा सकती है।
सरकार चाहती है कि बुवाई के मौसम से पहले किसानों को यह आर्थिक मदद मिल जाए ताकि वे बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें। हालांकि, किस्त प्राप्त करने के लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना आवश्यक है। किसानों को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी अपडेट होना जरूरी है। यदि इन प्रक्रियाओं में कोई कमी रहती है, तो भुगतान रुक सकता है।
लाभार्थी घर बैठे अपनी स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प चुनना होगा। वहां पंजीकरण नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करके भुगतान की जानकारी देखी जा सकती है। इससे यह पता चल जाएगा कि पिछली किस्तें मिली हैं या नहीं और अगली किस्त की पात्रता क्या है।
यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य किसानों की आय में स्थिरता लाना है। नियमित किस्तों के माध्यम से सरकार खेती से जुड़े खर्चों को संभालने में सहायता देती है। समय पर जानकारी अपडेट रखने से भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 22वीं किस्त की सटीक तारीख और भुगतान संबंधी अंतिम जानकारी के लिए हमेशा पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी सूचना को ही मान्य समझें।





